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बवासीर (पाइल्स) और फिशर में तुरंत राहत के लिए पायलोस्प्रे (PiloSpray) और पायलोकिट (PiloKit)

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पायलोस्प्रे - पाइल्स और फिशर के उपचार के लिये, दुनिया का पहला टच-फ्री स्प्रे ट्रीटमेंट

पाइल्स जैसी गम्भीर समस्या के साथ, जिना बहोत ही मुश्किल है, और इससे भी ज्यादा मुश्किल है, इसका इलाज करना। जब आप को बैठने से भी डर लगता हो, तो आप टच कर के, इलाज करने के बारे में कैसे सोच पाएंगे?

ऍप्लिकेटर का इस्तेमाल, क्रीम / मलहम / जेल, जैसे पारंपरिक इलाज के लिये किया जाता है। ऍप्लिकेटर का इस्तेमाल करने से, असुविधा, दर्द, और ज़ख्म भी हो सकता है। क्रीम / मलहम / जेल के साथ अन्य कई समस्याएं भी हैं: प्रभावित गुदा क्षेत्र तक पहुंचने और लगाने में कठिनाई, तत्काल उपयोग संभव नहीं होता, और राहत मिलने में भी समय लगता है।

पायलोस्प्रे इन सभी समस्याओं का समाधान है।

पायलोस्प्रे पाइल्स और फिशर के लिए एक आधुनिक, टच-फ्री स्प्रे ट्रीटमेंट है। पायलोस्प्रे इस्तेमाल करने में आसान है, और इसको लगाने में कोई असुविधा नहीं होती है। तकलीफ से जल्द राहत के लिए, इसका इस्तेमाल कभी भी, और कहीं भी किया जा सकता है।

पेशन्टस को पायलोस्प्रे के उपयोग से बहोत फायदा होगा, खुद से इलाज करना आसान हो जायेगा, अब समय पर इलाज संभव है, और दर्द, जलन, खुजली, रक्तस्राव और सूजन जैसे लक्षणों से त्वरित राहत, सिर्फ एक स्प्रे भर दूर है।

पायलोस्प्रे पाइल्स और फिशर के उपचार के लिए, 7 आयुर्वेदिक औषधीयां, जैसे तिल तेल, दारूहल्दी, लोधरा, मोचरस, कपूर, पुदीना और कोकम तेल से बना है।

इसमें ऍन्टि - हेमोरेजिक, हीमोस्टॅटिक, ऍन्टिसेप्टिक, ऍनाल्जेसिक, ऍनेस्थेटिक, ऍन्टि - प्रुरायटिक, ऍन्टि-इंफ्लेमेटरी और घाव भरने जैसे गुण हैं। यह घाव भरने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है, और पाइल्स और फिशर के लक्षणों में तेजी से राहत देता है।

पायलोस्प्रे एक क्लीनिकली रिसर्चड, 100% सुरक्षित और प्राकृतिक, आयुर्वेदिक औषधी है।

इसे हीलिंग हॅन्डस अँड हर्ब्स द्वारा भारत की सबसे बड़ी पाइल्स हॉस्पिटल चेन हीलिंग हॅन्डस क्लीनिक के सहयोग से विकसित किया गया है।

पायलोस्प्रे का इस्तेमाल कैसे करें?

पायलोस्प्रे के कॅन को उपयोग करने से पहले ठीक से हिला लें। प्रभावित गुदा क्षेत्र पर, 5 से 8 cm की दूरी से, 2 से 4 seconds तक स्प्रे करें ।पायलोस्प्रे का उपयोग शौच से पहले, और बाद में, और रात को सोने से पहले करें। आवश्यकतानुसार, लक्षणों की गंभीरता के आधार पर, जितनी बार जरूरत महसूस हो, पायलोस्प्रे का उपयोग किया जा सकता है।

पायलोस्प्रे लगाने का तरीका

1. दो पैरों पर बैठ के

  • आरामदायक स्थिति में दो पैरों पर बैठें
  • एक हाथ से नितम्ब को फैलाएं
  • गुदा क्षेत्र में प्रभावित जगह पर बाहर से स्प्रे करें

2. खड़े रहके

  • एक पैर पर आराम से खड़े रहें, और दूसरे पैर को सहारा दे कर उठाएं
  • एक हाथ से नितम्ब को फैलाएं
  • गुदा क्षेत्र में प्रभावित जगह पर बाहर से स्प्रे करें

3. लेटके

  • एक तरफ लेट जाएँ, और एक पैर को पेट के करीब उठाएं
  • एक हाथ से नितम्ब को फैलाएं
  • गुदा क्षेत्र में प्रभावित जगह पर बाहर से स्प्रे करें

बवासीर अथवा पाइल्स और फिशर की गंभीर और पुरानी समस्याओं के उपचार के लिए पायलोकिट

पायलोकिट उन पेशन्टस के लिए उपयुक्त है, जिन्हें ऍडवान्सड ग्रेड पाइल्स, इंटर्नल और एक्सटर्नल पाइल्स, ब्लीडिंग पाइल्स अथवा ऍक्युट फिशर जैसी गंभीर समस्या के लिए अतिरिक्त उपचार की आवश्यकता है।

पायलोकिट पाइल्स और फिशर के उपचार के लिए एक 100% सुरक्षित आयुर्वेदिक दवाओं का कॉम्बिनेशन ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल है।

पायलोकिट (PiloKit) में आधुनिक स्प्रे पायलोस्प्रे (PiloSpray), और टॅब्लेट्स पायलोटॅब (PiloTab) और कॅान्स्टीटॅब (ConstiTab) शामिल हैं।

पायलोस्प्रे की तरह पायलोटॅब और कॅान्स्टीटॅब भी क्लीनिकली रिसर्चड आयुर्वेदिक औषधीयाँ हैं।

पायलोटॅब (PiloTab)

पायलोटॅब टॅब्लेट पाइल्स और फिशर के उपचार के लिए, 4 आयुर्वेदिक औषधीयां, जैसे दुग्धिका, दारुहल्दी, नागकेसर और लज्जालु से बना है।

पायलोटॅब टॅब्लेट में ऍन्टि - हेमोरेजिक, हीमोस्टॅटिक, ऍन्टिसेप्टिक, ऍनाल्जेसिक, ऍन्टि-इंफ्लेमेटरी और घाव भरने जैसे गुण हैं।

यह पाइल्स और फिशर के लक्षणों में, जैसे दर्द, रक्तस्राव और सूजन में तेजी से राहत प्रदान करता है, और यह आंतरिक उपचार प्रक्रिया को बढ़ावा देता है।

कॅान्स्टीटॅब (ConstiTab)

कॅान्स्टीटॅब टॅब्लेट पाइल्स और फिशर से जुड़े कब्ज के इलाज के लिए 6 आयुर्वेदिक औषधीयां जैसे सोनामुखी, हरीतकी, बालहिरडा, निशोत्तर, सैंधव और एरंड तेल से बना है।

यह पाचन में सहायता करता है, मल त्याग को नियमित करता है, और कब्ज और उसके लक्षणों, जैसे ऍसिडीटि और गैस पर काम करता है।

यह कठिन और ढेलेदार मल के गठन को रोकता है, मल त्याग की प्रक्रिया को आसान करता है। इस वजह से कॅान्स्टीटॅब, पाइल्स और फिशर के लक्षणों की तीव्रता को कम करने में मदद करता है।

पायलोकिट का उपयोग कैसे करें?

पायलोस्प्रे (PiloSpray)

दिन में 2 से 3 बार इस्तेमाल करें। अथवा लक्षणों की गंभीरता के आधार पर, आवश्यकतानुसार पायलोस्प्रे का इस्तेमाल कई बार कर सकते हैं।

पायलोटॅब (PiloTab)

1 टॅब्लेट नाश्ते के बाद और 1 टॅबलेट रात के खाने के बाद पानी के साथ लें।

कॅान्स्टीटॅब (ConstiTab)

कब्ज की गंभीरता के आधार पर, पानी के साथ रात के खाने के बाद 1 या 2 टॅब्लेट्स लें।

पाइल्स और फिशर के लिए पायलोकिट का ट्रीटमेंट कोर्स

पायलोकिट का ट्रीटमेंट कोर्स 15 दिनों के लिए है। इस कोर्स को पाइल्स और फिशर की गंभीरता के अनुसार 6 बार, अथवा 3 महीनों तक, दोहराया जा सकता है।

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